Top 10 Motivational stories in hindi for employees

अगर आपके जीवन में भी ऐसा दुख है उसे देख कर आपको लगता है कि हमेशा के लिए ऐसे ही रहेगा और इसीलिए आपको जीने के लिए वजह नहीं मिल रही , जीने में मजा ही नहीं आ रहा , दिन रात वह दुख आपको दर्द देता रहता है तो आज की Hindi Motivational Story  आप ही के लिए हे। कहानी अंत तक पढ़ी है आपको आपके दुखों का हल जरूर मिल जाएगा।

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Hindi Motivational Story :

जीने की राह Motivational stories

एक आदमी ने बहुत बड़े कार एक्सीडेंट में अपनी सारी फैमिली को गवा दिया। उसके बाद वह इतना दुखी रहने लगा कि उसके लिए जीने की दूसरी वजह नहीं थी।

जीने की राह Motivational stories
जीने की राह Motivational stories

वह हमेशा खुद को कोसता। उसकी वजह से उसके छोटे-छोटे बच्चों को , उसकी वाइफ को अपनी जान गवानी पड़ी।

उसने बहुत बार सुसाइड करने का प्रयास भी किया। कुछ महीने बीत गए उसके बाद वह आदमी अचानक बहुत ही खुश रहने लगा।

इतना खुश रहने लगा कि इतना खुश तो कोई दूसरा आम आदमी भी नहीं रहता।

उसके पड़ोसी को आश्चर्य हुआ , जो आदमी इतना दुखी रहता था तीन चार बाग सुसाइड का प्रयास भी किया वह अचानक से इतना खुश कैसे रहने लगा ?

पडोसी से रहा नहीं गया उसने आदमी से पूछा की कुछ महीने पहले इतने दुखी रहते थे अचानक से आप इतने खुश कैसे रहने लगे।

आदमी ने जवाब दिया – हां रोज मे रोज दुखी रहता था। ऐसे दुखी होकर एक दिन बाहर की दुकान पर कुछ लेने के लिए गया।

जब मैं वापस घर आ रहा था तो अचानक से मेरे पीछे एक छोटा सा कुत्ते का बच्चा लग गया वह मेरे पीछे पीछे ही चल रहा था। मैं थोड़ा तेज चलने लगा तो वह भी तेज चलने लगा।

मैं घबरा गया और घर की तरफ जोर से दौड़ने लगा। वह भी मेरे पीछे तेजी से दौड़ने लगा।

दौड़कर में घर में पहुंचा दरवाजा लगा लिया। एक घंटे बाद मैंने देखा की वह कुत्ते का बच्चा मेरे दरवाजे के बाहर ही खड़ा था।

जैसे कि वह मेरी राह देख रहा था मुझे लगा उसको भूख लगी होगी। तो मैंने दरवाजा खोला और उसको थोड़ा दूध पीने के लिए दिया।

और वो ऐसे दूध पी रहा था जैसे कि उसको बहुत दिनों से कुछ खाने को मिला ही नहीं।

वह बहुत तेजी से दूध पी रहा था मेरी तरफ भी देख रहा था उसको दूध पीते देखकर मुझे एक अजीब सी फीलिंग आ रही थी। ऐसी फीलिंग जीवन में मैंने पहली बार महसूस की थी मेरे परिवार को गवाने के बाद वह पहला क्षण था जब मैं दुखी नहीं था।

मुझको एक अलग ही आनंद हो रहा था। शायद मुझे मेरे जीने का मकसद मिल गया था। क्योंकि किसी को सिर्फ छोटा सा दूध पिलाते मुझे इतना आनंद मिल रहा था।

तो अगर मैंने ऐसे ही रोज किसी की मदद की तुझे कितना आनंद होगा। उसके बाद से मैंने रोज गली के जो भी प्राणी थे कोई को खाना खिलाना शुरू कर दिया।

कुछ दिनों बाद मेरे घर के आंगन में ही सारे प्राणी आने लगे। जैसे कि उनको किसी ने बताया था की इधर जो आदमी रहता है ना वह प्राणियों की बहुत मदद करता है , उनको खाना दिलाता है , उनसे प्यार करता है वह दूसरों जैसा नहीं है।

और उसके बाद में रोज खुश रहता हूँ , यही वजह हे मेरी खुशी की।

Moral Of This Motivational Story :

दोस्तों आपके जीवन में भी आपके जीने की वजह ही नहीं है तो दूसरों की मदद करना शुरू कर दीजिए , दूसरों की खुशी में अपनी खुशी देखना शुरू कर दीजिए। देखना ऐसा सुखी दुनिया में दूसरा कोई नहीं होगा।

दोस्तों आज की Hindi Inspirational Story से के जीवन में थोड़ी सी भी खुशी आई तो कमेंट करके जरूर बताना। और अपने दुखी दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलना।

कहानी : सुखी जीवन | Hindi Motivation Story For Happy Life

Motivation For Happy Life

आप कभी ना कभी बस में तो बैठे ही होंगे। बैठे बैठे आप क्या करते हो ? कुछ ना कुछ सोचते होंगे , या फिर फोन पर कुछ करते होंगे , या फिर कॉल पर बात करते होंगे , नहीं तो बाहर देखते होंगे , या फिर सोते होंगे। इनमें से कुछ ना कुछ करते ही होंगे।

Hindi Motivation Story For Happy Life

कहानी : सुखी जीवन | Hindi Motivation Story For Happy Life

लेकिन आपने कभी ड्राइवर को देखा है वह क्या करता है। वह सिर्फ फोकस करके गाड़ी चलाने पर ध्यान देता है। अगर ड्राइवर भी हमारी तरह सोचने लगे फोन पर बातें करने इधर उधर देखने लगे तो क्या होगा। तब सिर्फ एक ही चीज होंगी वह है एक्सीडेंट।

हमारे जीवन में हम इसी तरह हर काम में विचलित होंगे तो हमारे जीवन की यात्रा में हमारा एक्सीडेंट ही होगा। हम जीवन में सभी क्षेत्रों में विचलित रहते हैं। हमारे काम में , नौकरी में ,परिवार में हम ध्यान ही नहीं दे पाते। इसीलिए हमे खुद के जीवन की यात्रा में पीछे बैठा पैसेंजर बनने के अलावा ड्राइवर बनो।

आप जीवन में जो भी काम करते हो उसको एकाग्र होकर करो। जिस वक्त जो काम कर रहे हो उस वक्त उसी काम एकाग्र होकर करो। तभी आप जो पाना चाहते हो जिस जगह पहुंचना चाहते हो वहां पर जरूर पहुंचेंगे।

प्रत्येक काम एकाग्र होकर करो इसका मतलब है नहीं की सिर्फ नौकरी या फिर दूसरा कोई काम एकाग्र होकर करना है।

नहीं जीवन का प्रतिक्षण आप जो भी कर रहे हो मतलब आप खाना भी खा रहे हो ना तो उसके प्रत्येक निवाले को फील करो। इसी को कहते हैं हर काम एकाग्र होकर करना।

अगर आप अपने परिवार के साथ कुछ समय बिता रहे हो उस समय उधर ही रहो , दूसरे विचार मत करते रहो।

अगर आप ऐसे जियो गे तभी आप जीवन का असली आनंद ले पाएंगे । अपने जीवन में जो पाना चाहते हो जो हासिल करना चाहते हो उसे हासिल कर पाएंगे।

अगर आपने हर एक काम में एकाग्र होना सीख लिया तो आपके जैसा सक्सेसफुल इंसान इस दुनिया में दूसरा कोई नहीं होगा और आपके जैसा खुश इंसान दुनिया में दूसरा कोई नहीं होगा।

दोस्तों अगर आपको ही आर्टिकल पसंद आए तो कमेंट में जरूर बताना और अपने दोस्तों के साथ शेयर करना मत भूलना।

ऐसे ही Motivational Story  पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक कीजिए धन्यवाद।ShareTweetदोस्तों अगर आपको भी बहुत बार किसी ने अपमानित किया हो, नीचा दिखाया गया हो।

इसकी वजह से आपको लगता है कि आप की कीमत कम हो गई है। अगर ऐसा आपके जीवन में हुआ है तो आज की Hindi Moral Story In Short आप ही के लिए है।

अपमान का बदला ( Hindi Short Motivational Story ) :

एक बार एक टीचर क्लासरूम में आए। टीचर ने अपने जेब में से 100 की नोट बाहर निकाली और बच्चों से कहा “किन-किन को 100 रुपये चाहिए ” सभी बच्चों ने हाथ ऊपर किया। उसके बाद टीचर ने सो रुपए की नोट को हाथ में मसल दिया और बच्चों को पूछा कि अब किन-किन को 100 रुपये के नोट चाहिए।

Hindi Short Motivational Story
Hindi Short Motivational Story

फिर भी सभी बच्चों ने हाथ ऊपर किया उसके बाद टीचर ने 100 रुपये की नोट को नीचे गिरा दिया और पैरों से मसल दिया। फिर सब बच्चों से पूछा अब किन-किन को 100 रुपये की नोट चाहिए। ऐसा हो जाने के बाद भी सभी बच्चों ने हाथ ऊपर किया।

शिक्षक ने बच्चों से कहा देखा मैंने इस 100 रुपये की नोट की इतनी बुरी हालत कर दी फिर भी आपको नोट चाहिए। क्योंकि आपको पता है , कुछ भी हो 100 रुपये की कीमत अभी भी 100 रुपये ही है।

Moral Of This Hindi Short Motivational Story :

ऐसे ही हमारे जीवन में हमको कोई भी कितना भी नीचे गिरा दे , कितना भी अपमानित कर दे हमारी कीमत वैसे ही रहेगी जैसे पहले थी। उल्टा अगर हमने इस एटीट्यूड से जीना सीख लिया तो हमारी कीमत पहले से भी ज्यादा बढ़ जाएगी।

दोस्तों अगर आप को इस Hindi Moral Story  से थोड़ी सी भी सीख मिली है तुम कमेंट करके जरूर बताना और अपने दोस्तों के साथ शेयर करना मत भूलना। ऐसे ही Hindi Short Story  पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक कीजिए ,धन्यवाद ।

कहानी : दुनिया की सबसे शक्तिशाली चीज | Hindi Motivational Story For Success

दोस्तों आज मैं आपको एक ऐसी चीज बताने जा रहा हूं जो आपको जीवन में सब कुछ दिला सकती है । और आपका जीवन बर्बाद भी कर सकती है। इसके पहले मैं आपको एक Hindi  Motivational Story  सुनाऊंगा उससे आपको अच्छे से पता चल जाएगा।

दुनिया की सबसे शक्तिशाली चीज (Hindi Motivational Story) :

जैसे ही शिक्षक अपने क्लास रूम में प्रवेश करते हैं सारे बच्चे शिक्षक से पूछते हैं कि टीचर दुनिया में सबसे शक्तिशाली क्या है ? जैसे ही बच्चे यह प्रश्न करते हैं शिक्षक को बहुत ही गुस्सा आ जाता है ।

और गुस्सा होकर बच्चों पर चिल्लाते हैं , आपको जरा सी भी तमीज नहीं है। मैं अभी अभी क्लास रूम में आया हूं और आते-आते सवाल पूछ दिया आपकी क्लास अब तक की सबसे डफर क्लास है । मैंने तुम्हारे जैसे बच्चे अपनी जिंदगी में नहीं देखे और ऐसे ही गुस्से में टीचर वहां से चले गए।

टीचर के जाने के बाद सारे बच्चे नाराज हो गए। कुछ बच्चे तो रोने भी लगे , एक दूसरे से बोलने लगे की है कितने गंदे टीचर है। कुछ भी बोलते हैं इतनी भी बड़ी गलती की नहीं थी हमने। बच्चे ऐसा बोल ही रहे थे तभी वह टीचर फिर से वापस आ गए ।

और सारे बच्चों से बोले कि मैं जितना सोचता हूं इतने भी बुरे नहीं हो। तुम बहुत ही अच्छे हो। मैंने तुम्हारा रिजल्ट देखा सभी बच्चों बहुत अच्छी नंबर से पास हुए हैं , मुझे तुम सब पर बहुत नाज है। ऐसा बोलने के बाद टीचर वहां से चले गए ।

शिक्षक के जाने के बाद बच्चे बहुत खुश हो गए थे। एक दूसरे से बहुत खुशी से बात कर रहे थे बोल रहे थे कि हमने जितना सोचा इतना भी गंदे नहीं है। टीचर बहुत ही अच्छे हैं। बच्चे ऐसा बोल रहे थे तभी हो शिक्षक वापस आ गए और बच्चों से पूछा बच्चों क्या हुआ बहुत खुश नजर आ रहे हो क्या बात है मुझे भी बताओ।

बच्चों ने कहा टीचर हमको पहले लगा कि आप बहुत ही गंदे हो लेकिन बाद में हमको आपका सही स्वभाव पता चला के आप बहुत ही अच्छे टीचर हो। इसलिए हम सब बहुत खुश है।

शिक्षक ने कहा कि आपने मुझे प्रश्न पूछा था ना इस दुनिया में सबसे शक्तिशाली क्या है उसका उत्तर यही है इस दुनिया में अगर कोई शक्तिशाली है तो वह है हमारे शब्द।

Moral Of This Hindi Motivational Story :

हमारे शब्द एक ही शक्ति है जिसका इस्तेमाल करके हम दूसरों को बिना छुए उसके मन पर प्रभाव कर सकते हैं। इसेलिए अगर हम इस शक्ति का अच्छे से सोच समझ इस्तेमाल करते हैं तो हम जीवन में बहुत कुछ पा सकते हैं।

अगर हम इसका दुरउपयोग करते हैं , बिना सोचे समझे कुछ भी बोलते हैं तो हमारा जीवन बर्बाद होने में ज्यादा टाइम नहीं लगेगा।

दोस्तों कैसी लगी आपको एक कहानी और कैसा लगा इस कहानी का संदेश । आपको है कहानी पसंद आई है तो कमेंट करके जरूर बताना और अपने दोस्तों के साथ शेयर करना मत भूलना और ऐसी ही Hindi Motivational Moral Story पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक कीजिए , धन्यवाद ।

हे कहाणी आपके जीवन के हर मोड़ पर काम आएंगी | Hindi Motivational Story

दोस्तों आज की Hindi Moral Story आपको ऐसी सीख दिलाएगी जो आपको आपके जीवन के हर मोड़ पर काम आएंगी।

दो जिगरी दोस्त (Hindi Moral Story) :

दो बहुत ही जिगरी दोस्त एक रेगिस्तान में जा रहे थे। चलते चलते दोनों में बहुत बड़ी लड़ाई हो जाती है और उस लड़ाई के समय एक दोस्त दूसरे दोस्त के गाल पर तमाचा लगा देता है। दूसरे दोस्त को बहुत ही गुस्सा आता है।

उसे बहुत बुरा लगता है लेकिन वह कुछ नहीं बोलता , बाजू में जो रेगिस्तान की मिटटी के ऊपर लिखता है कि आज मेरे दोस्त ने मुझे मारा और ऐसे लिखने के बाद दोनों आगे बढ़ते हैं।

2 friends Hindi Motivational Story

दोनों एक दूसरे से बिल्कुल भी बात नहीं करते हैं चुपचाप चलते रहते हैं। चलते चलते दूसरा दोस्त अचानक एक गड्ढे में गिर जाता है।

गड्ढा बहुत ही बड़ा रहता है पहला दोस्त अपनी जान पर खेलकर दूसरे दोस्त को बचाता है। गड्ढे से बाहर निकालता है दोनों बहुत ही खुश होते हैं। दोनों एक दूसरे के गले मिलते हैं।

उसके बाद दूसरा दोस्त बाजू में एक पत्थर रहता है उसी पत्थर पर एक दूसरे नुकीले पत्थर से लिखता है की आज मेरे दोस्त ने मेरी जान बचाई।

पहले दोस्त से रहा नहीं जाता वह दूसरे दोस्त से पूछता है मुझे समझ नहीं आया जब मैंने तुझे मारा था तब तूने मिट्टी पर लिखा कि आज मेरे दोस्त ने मुझे मारा। और अब मैंने तुझे बचाया तो तूने पत्थर पर लिखा कि मेरे दोस्त से मेरी जान बचाई। ऐसा क्यों ?

दूसरा दोस्त बोला जो बात मैंने मिट्टी पर लिखी थी को हवा से पानी से आज नहीं तो कल मिट जाएगी , पर जो बात मैंने पत्थर पर लिखी है वह कभी नहीं मिटेंगी। हमेशा के लिए ऐसे ही रहेगी।

Moral Of This Hindi Motivational Story :

दोस्तों ये छोटी सी कहानी को बहुत बड़ा संदेश दे जाती है। हमारे साथ भी ऐसा बहुत बार होता है। हमारे बहुत प्रिय लोग हमें कुछ भला बुरा कहते हैं , हमसे गलत से पेश आते हैं। तो हमें उन पर बहुत गुस्सा आ जाता है।

हम उनकी एक गलती के कारण उन से नाता तोड़ देते हैं । लेकिन हमें दूसरे दोस्त की तरह इन बातों को हमारे मन से निकाल देना चाहिए । उनकी अच्छी बातों को हमारे ह्रदय में लिखकर हमेशा उनके साथ रहना चाहिए ।

दोस्तों आपको हे Hindi Moral Story अच्छी लगी तो कमेंट में जरूर बताइए और अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले। ऐसी Hindi Motivational Moral Story पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक कीजिए ।

लोग हमेशा आपकी निचे गिराते रहते हे तो हे कहानी आपके लिए हे | Hindi Motivational Story With Moral

दोस्तों अगर आपके जीवन में भी ऐसे लोग हैं जो आपकी हमेशा टांग खींचते रहते हैं , आप को नीचा दिखाते रहते हैं और आपके जीवन में बहुत सारे कठिनाइयां है। रोज रोज नए-नए संकट आ रहे हैं। तो है Hindi Motivational Story With Moral पूरी पढ़ो आपको आपके समस्याओं का हल जरूर मिल जाएगा।

Hindi Motivational Story With Moral :

एक छोटा बच्चा अपने छोटे कुत्ते के साथ खेल रहा था। खेलते खेलते छोटा सा कुत्ता अचानक एक गड्ढे में गिर गया। बच्चा बहुत रोने लगा उसका रोना सुनकर आजू बाजू के लोग जमा हुए।

लोगों को समझा कुत्ते का बच्चा छोटे से गड्ढे में गिर गया है। गड्ढा बहुत ही पतला और लंबा था। इसीलिए कोई अंदर जा नहीं पा रहा था।

थोड़ी देर बाद कुत्ते की भौंकने की आवाज भी बंद हो गई। सबको लगा कि कुत्ता मर गया , इसीलिए लोगों ने डिसाइड किया की और ऐसा कोई हादसा ना हो जाए और कोई दूसरा कुत्ता या कोई बच्चा इधर ना गिर जाए इसलिए इस गड्ढे को मिट्टी से ढक दें। बहुत सारी मिट्टी लाई गई और गड्ढे को भरने का काम शुरू हो गया।

जैसे ही घटा पूरा भरने वाला था गड्ढे में से उस कुत्ते ने छलांग लगाई और बाहर आ गया। सबको बहुत आश्चर्य हुआ लेकिन बच्चा बहुत ही खुश हो गया। आनंद से नाचने लगा।

देखा दोस्तों जो मिट्टी उस कुत्ते को दफन करने के लिए डाली जा रही थी उसी मिट्टी पर अपना पैर रख कर , उसी मिट्टी पर खड़ा होकर कुत्ता ऊपर आता रहा और ऐसे करते करते हो बाहर आ गया।

Moral Of This Hindi Motivational Story :

दोस्तों जो छोटी सी चीज हमें समझ नहीं आती वह हमें इस कुत्ते ने समझा दी। सबके जीवन में कोई ना कोई ऐसा होता ही है जो हमेश अपनी टांग खींचता है , नीचे गिरता है , सबके जीवन में संकट या दुख होते हैं जो हमारा आत्मविश्वास कम करते रहते हैं। लेकिन हमको सारी कठिनाइयों पर पैर रखकर ऊपर उठना है और आगे चलते रहना है।

दोस्तों आपको हे Hindi Motivational Story  कैसी लगी तो कमेंट में जरूर बताना और अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलना। ऐसे ही Hindi Story  पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक कीजिए धन्यवाद।

सफलता नहीं मिल रही हे तो हे कहानी जरूर पढ़े | Hindi Motivational Moral Story

दोस्तों अगर आप भी काम करते करते थक गए हैं। फिर भी सफलता नहीं मिल रही है। तो हे Hindi Motivational Moral Story आप ही के लिए है।

सफलता (Hindi Moral Story)

एक बहुत बड़ा अमीर आदमी था उसकी खुद की जहाज थी। वो अपनी जहाज में कुछ प्रवासी , और कुछ इंजीनियरों को लेकर एक शहर से दूसरे शहर जा रहा था। जाते जाते अचानक जहाज समुंदर के बीचो बीच रुक गई।

जहाज में किसी गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ था। उस अमीर आदमी ने तुरंत जहाज में रुके हुए इंजीनियरों को काम पर लगा दिया। लेकिन उनसे भी कुछ हो नहीं पा रहा था। सब बहुत ही घबरा गए। हे बात धीरे-धीरे जहाज में बैठे हुए यात्रियों को भी पता चल गई। सभी बहुत ही घबरा गए , क्योंकि ऐसा ही चलता रहा तो जहाज आगे चल ही नहीं पाती।

थोड़ी देर बाद एक बूढ़ा आदमी जो प्रवासी होकर बीच बैठा हुआ था वो उठा और उसने अमीर आदमी के पास जाकर उसे कहा की मैं कुछ कर सकता हूं क्या ?मुझे थोड़ा ट्राई करने दीजिए। अमीर आदमी को उस पर बहुत ही गुस्सा आया उसने कहा इधर बड़े-बड़े इंजीनियर बैठे हैं , उनसे कुछ नहीं हो पाया तो तुमसे क्या होगा ! जाओ अपनी उम्र का लिहाज करो और बैठ जाओ ।

बूढ़े आदमी बोला मैं भी एक इंजीनियरी था। मुझे सिर्फ 2 मिनट दीजिए शायद मैं कुछ कर सकता हूं। अमीर आदमी गुस्से से बोला ठीक है। लेकिन अगर कुछ बहुत बड़ी गड़बड़ कर दी तो सबसे पहले मैं तुझे इस जहाज से फेंक दूंगा। बूढ़ा आदमी बोला ठीक है , उसने पास मैं पड़ा हुआ एक हथोड़ा उठाया और उसे जोर से इंजिन पर मार दिया। और जैसे ही उसने हथोड़ा इंजिन पर मारा इंजन शुरू हो गया।

सभी को बहुत ही आश्चर्य हुआ और देखते देखते जहाज दूसरे देश तक पहुंच गई। सभी यात्री अपने अपने घर चले गए लेकिन बूढ़े आदमी उधर ही था। बूढ़ा आदमी अमीर आदमी के पास गया और उसे कहा मुझे मेरे काम के 10000 चाहिए। अमीर आदमी ने हंसकर कहा 10000 लेकिन किस काम के ? सिर्फ एक हथोड़ा मारने के 10000 पागल हो गए हो क्या ?

बूढ़ा आदमी बोला सिर्फ हथोड़ा मारने के 1000 रुपए और बाकी के 9000 सही जगह हथोड़ा मारने के। अमीर आदमी को उसके गलती का एहसास हुआ और उसमें खुशी खुशी 10000 रुपए दे दिए।

Moral OF This Motivational Story :

देखा दोस्तों मेरे जीवन की भी यही हालत है। काम तो करते हैं लेकिन सही दिशा में नहीं करते। हमें सफलता हासिल नहीं होती। कौन सा भी काम करें ,काम छोटा हो या बड़ा हो अगर हो सही दिशा में किया जाए तो आज नहीतो कल सफलता आपके मुट्ठी में होगी।

दोस्तों अगर आपको इस Hindi Motivational Moral Story से थोड़ी सी भी सिख मिली है तो कमेंट में जरूर बताइए और अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए और ऐसे ही Hindi Moral Stories पढ़ने के लिए हुए लिंक पर क्लिक कीजिए धन्यवाद।

हमको दुःख देने वालो के साथ क्या करे ? | Hindi Motivational Story With Moral

दोस्तों हमारे सबके जीवन में ऐसे बहुत सारे लोग होते हैं जो हमेशा हमें डांटते रहते हैं , कुछ ना कुछ बोलते रहते हैं। हम कुछ भी करें हमारे काम के बीच टांग अड़ाते रहते हैं वो कोई भी हो सकता है हमारा दोस्त हो सकता है , हमारा भाई बहन हो सकते हैं , हमारे मां-बाप हो सकते हैं , हमारे टीचर हो सकते हैं। ऐसे ही कोई लोग अगर आपके जीवन में भी है तो आज की Hindi Motivational Story With Moral आप ही के लिए है।

Hindi Story With Moral

1 यात्रियों से भरी हुई बस जा रही थी। बारिश का समय था , बादल गरज रहे थे। बस जा रही थी। जाते जाते अचानक बस के पास एक जोर की बिजली गिरी सभी यात्री बहुत घबरा गए। बस आगे चली थोड़ी देर के बाद फिर से एक चोर की बिजली गिरी। इस बार तो यात्री बहुत ही घबरा गए ड्राइवर भी घबरा गया।

ड्राइवर ने बस रोकी और यात्रियों से कहा कि हमारे बीच में एक ऐसा आदमी हे उसकी मौत आज पक्की है इसीलिए 2 बार बिजली हमारे बस के बाजू में गिरी। अगर इस बार हमने उस आदमी को बाहर निकाला नहीं तो अगली बार बिजली हमारे बस पर ही गिर जाएगी। अगर सबको अपनी जान बचाना है तो उस आदमी को पहचान कर हमें उसे बाहर निकालना होगा। सभी को प्रश्न पड़ गया उस आदमी को पहचाने कैसे ?

ड्राइवर ने एक युक्ति सुजाइ। ड्राइवर ने कहा सामने हो पेड़ दिख रहा है ना। एक एक करके सभी यात्री उस पेड़ के पास जाएंगे और पेड़ को हाथ लगा कर वापस बस में बैठ जाएंगे।

जिसकी मौत आज पक्की है उस पर अपने आप भगवान बिजली गिरा देगा और हम बाकी सब बच जाएंगे। सभी यात्री तैयार हुए एक एक करके पेड़ को हाथ लगा कर बस में बैठ रहे थे। खुद ड्राइवर भी पेड़ को हाथ लगाने को गया और बस में बैठ गया। लेकिन बिजली किसी पर भी नहीं गिरी।

लेकिन एक आदमी बचा हुआ था। वो बहुत डरा हुआ था सबको लगा कि यही था जिसकी वजह से हम सब मरने वाले थे। सभी ने कहा उसको जाओ पेड़ को हाथ लगा कर आओ। वह बहुत डर रहा था वह बोला कि मुझे माफ कर दो लेकिन मैं नहीं जा सकता यात्रियों को बहुत गुस्सा आया यात्री बोले अगर नहीं जा सकते तो हम तुझे यही पर छोड़कर चले जाएंगे इससे अच्छा तो पेड़ को हाथ लगा के आजा।

आदमी तैयार हुआ पेड़ को हाथ लगाने के लिए पेड़ के पास पहुंचा। उसकी दिल की धड़कन बड़ी हुई थी। जैसे उसने पेड़ को हाथ लगाया एक जोर की बिजली गिरी लेकिन हो बिजली आदमी पर नहीं बस पर गिरी जहां पर सारे यात्री बैठे थे और एक ही सेकंड में सारे यात्री मर गए।

देखा दोस्तों उस आदमी के अच्छे कर्मों के वजह से बाकी सारी यात्री की जान अब तक बच रही थी लेकिन उन यात्रियों ने क्या किया उन्होंने तो उसे ही बाहर निकाल कर फेंक दिया और भगवान का काम और आसान कर दिया और भगवान ने उन्हें 1 सेकंड में ही मौत के घाट पहुंचा दिया।

Moral Of This Hindi Motivational Story

दोस्तों हमारे जीवन में भी ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो हमारे लिए ही है। हमारे लिए ही सब कुछ करते हैं भले ही वो हमें बुरा भला कहते रहते हैं। लेकिन हमें है समझ में नहीं आता की वो हमारे लिए ही ऐसा कर रहे हैं।

हमें उन पर बहुत गुस्सा आता है ऐसा लगता है कि है लोग हमारे जीवन में नहीं होने चाहिए। लेकिन थोड़े ठंडे दिमाग से सोचिए , थोड़ा शांत होकर सोचिए वो जो भी कर रहे हैं आप ही के लिए कर रहे हैं। आपकी भलाई के लिए कर रहे हैं। इसीलिए उन पर गुस्सा करने के अलावा उनकी रिस्पेक्ट कीजिए। ऐसा ना हो आपको उनकी कीमत समझे की लेकिन वही नहीं रहेंगे।

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आप भी हमेशा दुसरो की मदत करते हे तो ये कहानी आप ही के लिए हे। । Hindi Moral Story

बहुत सारे लोग हमेशा दूसरों के बारे में सोचते रहते हैं दूसरों के बारे में चिंता करते रहते हैं अगर आप भी उन्हीं में से एक हो तो ये  Hindi Moral Story  आप ही के लिए है।

एक बहुत छोटा गांव था। उस गांव में रामू काका नाम के एक आदमी रहते थे चप्पल सिलाई का काम करते थे इस गांव में सिर्फ वही एक थे जो चप्पल सिलाई का काम करते थे। गांव के आजू-बाजू दूर-दूर तक कोई दूसरा गांव या शहर नहीं था। इसीलिए गांव के सभी लोग रामु काका पर ही निर्भर रहते थे।

और राम काका को भी चप्पल सिलाई में बहुत बड़ा मजा आता था। हो एक भी दिन काम के लिए छुट्टी नहीं रहते थे रोज काम करते थे।

रामु काका की खुद की चप्पल भी फटी हुई थी लेकिन उसको सिलने के लिए भी उनको टाइम नहीं था। वह हमेशा दूसरों के बारे में सोचते रहते थे दूसरों की मदद करते रहते थे। सभी की चप्पल सिलाई कर देते थे लोगों ने उन्हें बहुत बार कहा की रामु काका खुद की चप्पल की सिलाई कर ले , नहीं तो दूसरी नई खरीद ले। लेकिन रामू काका ने उनकी नहीं सुनी।

धीरे धीरे रामू काका की चप्पल बहुत फट गई थी और इसी कारण 1 दिन रामू काका को पैर में पत्थर चुप गया पहले तो घाव छोटा था। इसीलिए रामू काका ने उस पर ध्यान नहीं दिया लेकिन धीरे-धीरे घाव बढ़ने लगा। रामू काका ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे इसी कारण गांव के कुछ लोग रामु काका को पास में बड़े शहर में डॉक्टर को दिखाने के लिए ले गए।

डॉक्टर के चेक करने के बाद डॉक्टर ने उन्हें कहा यह घाव बहुत बढ़ चुका है , और इसके वजह से पैर में बहुत इनफेक्शन हो गया है। ये इनफेक्शन बहुत ही खतरनाक है इसके वजह से आपकी जान भी जा सकती है।

अगर आपको अपनी जान बचानी है तो आपको अपना एक पैर काटना पड़ेगा रामु काका को अपना एक पैर गवाना पड़ा इस हादसे के बाद रामु काका को चप्पल सिलाई का काम छोड़ना पड़ा और उस दिन के बाद गांव में सारे लोग फटे हुए चप्पल पहनते थे।

Moral Of This Hindi Motivational Story

देखा दोस्तों दूसरों के बारे में सोचते रहने से हमें खुद को और दूसरों को भी उतना ही नुकसान होता है। इसीलिए पहले खुद के बारे में सोचिए अगर हम खुद अच्छे होगे तभी हम दूसरों का ख्याल रख पाएंगे ,हमारे प्रिय व्यक्तियों का अच्छे से ध्यान रख पाएंगे। इसीलिए खुद का भी ध्यान रखिए।

दोस्तों आपको यह Hindi Inspirational Story With Moral अच्छी लगी हो तो कमेंट में जरूर बताइए अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए ऐसे ही Hindi Moral Story  पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक कीजिए धन्यवाद

हे कहानी सुनाने के बाद आपके जीवन के सरे संकट मिट जायेंगे | Hindi Motivational Story With Moral

तो दोस्तों हमारे सभी के जीवन में कुछ ना कुछ परेशानी कुछ ना कुछ कमजोरी होती है। हम सभी को जीवन में कुछ तो भी करना है लेकिन किसी एक कारण के वजह से हम वो चीज नहीं कर पाते हमें जो जीवन में बनना है वह हम नहीं बन पाते।


हे Hindi Motivational Story आफ को उसे आखिरी तक पढ़िए Story के आखिर तक आपको पता लग जाएगा करना है जो बनना है उसे करने के लिए आपको कौन सा कारण रोक रहा है और जो भी कारण हो जैसा भी कारण हो मिट जाएगा।

12 साल का लड़का था खूब बहुत ही गरीब लड़का था उसके एक छोटी सी बहन का बर्थडे था उसके लिए उसे एक उसको गिफ्ट देना था और गिफ्ट था एक कुत्ते का छोटा बच्चा। कुत्ते के छोटे बच्चे को खरीदने के लिए पैसे जमा कर रहे था।

बर्थडे अगले दिन था इसलिए वो कुत्ते के बच्चे को खरीदने के लिए दुकान पर गया उधर जा पहुंचने पर उसे पता चला बच्चे की प्राइस 5000 से शुरू होती है बहुत ही नाराज हो गया लेकिन उसे किसी भी हालत में कुत्ते का बच्चा खरीदना ही था। दुकानदार को बोला मेरे पास सिर्फ दो हजार है आप मुझे कुत्ते का बच्चा दे दीजिए मैं बाकी के सारे पैसे कुछ दिनों में लौटा दूंगा।

दुकानदार बोला नहीं बेटा नहीं बेटा मैं ऐसा नहीं कर सकता तू एक काम कर पूरे पैसे जमा कर और बाद में तुझे दे दूंगा। बच्चा बोला नहीं अंकल मुझे अभी चाहिए मेरा बहन का बर्थडे है कल , प्लीज अंकल मुझ पर विश्वास कीजिए मैं आपके सारे पैसे लौटा दूंगा बहुत सारी विनती करने के बाद भी हो अंकल नहीं माने।

बच्चा नाराज होकर उन कुत्तों की तरफ देख रहा था उसने देखा उन सारे बच्चों में से एक बच्चा ऐसा था जो बहुत ही लंगड़ा कर चल रहा था उसे ठीक से चलना भी नहीं आ रहा था तो उस लगड़ाते हुए कुत्ते को देखकर बहुत आश्चर्य हुआ बच्चे ने उसे देख कर दुकानदार को पूछा अंकल कुत्ते को क्या हुआ है ऐसा क्यों चल रहा है।

दुकानदार बोला वो बचपन से अपाहिज है इसीलिए उसे चलना नहीं आता। वो ऐसा ही चलता है।

हे सुनने के बाद बच्चा बोला अब तो मुझे यही कुत्ता चाहिए । दुकानदार बोला बेटा है कुत्ता तो मैं तुझे फ्री में दे दूंगा। इसके ऊपर क्यों पैसे खर्च कर रहा है तू। एक काम कर तुझे कुत्ता आज ही चाहिए ना दे वह 2000 दे और कोई दूसरा कुत्ता ले जा और बाकी के पैसे बाद में दे।

क्योंकि है कुत्ता दूसरे कुत्तों की तरह तुझसे खेल नहीं पाएगा। अच्छे से दौड़ नहीं पाएगा। दूसरा वाला अच्छा कुत्ता ले जा। बच्चा बोला नहीं मुझे यही कुत्ता चाहिए उसी कीमत में चाहिए जो कीमत दूसरे कुत्तों की है। दुकानदार को आश्चर्य हुआ ऐसा क्यों बेटा ऐसा क्यों ?

बच्चे ने थोड़े पीछे होकर अपनी पैंट ऊपर की दुकानदार ने देखा उस बच्चे की एक पैर नकली था। बच्चा बोला देखा अंकल मैं भी अपाहिज हूं।

लेकिन मुझे मेरी मां ने कहा है खुद को कमजोर ना समझ , अगर मैं खुद को कमजोर नहीं समझता हूं तो मैं इस कुत्ते को क्यों समझो और मुझे इस कुत्ते को भी फील करवाना है की वो दुसरो कुत्तों की तरह बहुत शक्तिशाली है , हो कमजोर नहीं है। बाकी कुत्तों की तरह वह भी बहुत नॉर्मल है। इसीलिए मैं उसे ही खरीदना चाहता हूं। दुकानदार के आंखों में आंसू आ गए और उसने हो कुत्ता उसे दे दिया।

दोस्तों इस पृथ्वी पर बहुत सारे लोग हैं जो अपाहिज होकर भी बहुत कुछ कर दिखाया है। पर हम हमने क्या किया है हमारे पास तो किसी की भी कमी नहीं है हमारे पास सब कुछ है फिर भी हम हमेशा कुछ ना कुछ कारण देते रहते हैं कि मेरे पास हे कमी है, मेरे पास वो कमी है हमेशा हमारी परिस्थितियों पर दोष देते हैं

इसीलिए हम जीवन में कुछ भी नहीं कर पाते इसीलिए कहता हूं की खुद की जीवन की जिम्मेदारी खुद लीजिए। दुसरो पर ब्लेम करना बंद कीजिए जीवन में कौन सी भी केसीबी परिस्थिति हो स्वीकार कीजिए अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाइए और जीवन का आनंद से सामना कीजिए और जीवन में जो भी आपको पाना है बनना है उसके लिए हमेशा प्रयत्न करते रहिए।

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